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गुरुवार, 7 मई 2009

पृथक बुन्देलखंड हेतु अब होगी निर्णायक लडाई

पृथक बुन्देलखंड राज्य की मांग में बुन्देलखंड एकीकृत पार्टी द्वारा पिछले वर्षों में किए गए संघर्ष का परिणाम यह है कि एक वर्ष से राष्ट्रीय नेताओं की जुबान पर बुन्देलखंड का मुद्दा आने लगा है । एकीकृत पार्टी के संयोजक संजय पाण्डेय के अनुसार यह इस मुद्दे का सेमी फाईनल कहा जा सकता है क्योंकि राष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे का आना अपने आप में एक सफलता है। किंतु बड़े दलों द्वारा लोक सभा चुनाव में नज़रअंदाज कर देना निश्चित रूप से हमारी असफलता है ,अभी हम इसके लिए उन्हें मजबूर नही कर सके। किंतु अब बुन्देलखंड एकीकृत पार्टी इस हेतु निर्णायक लडाई लड़ने कि तैयारी में है । हम बहुत जल्द ऐसी स्तिथि पैदा कर देंगे कि केन्द्र और राज्य सरकारों को विवश होकर पृथक बुन्देलखंड राज्य के मामले में संवैधानिक कार्यवाही करनी पड़ेगी।

गुरुवार, 15 जनवरी 2009

बुन्देलखंड एकीकृत पार्टी की “कारण बताओ रैली"

बांदा। बुन्देलखंड एकीकृत पार्टी पृथक बुन्देलखंड राज्य का मुद्दा लेकर चुनाव लड़ने की तयारी में जुट चुकी है। चुनाव से पूर्व बुंदेलखंड क्षेत्र के हर मतदाता तक पृथक प्रान्त के औचित्य को पहुचाने के लिए पार्टी ने विभिन्न कार्यक्रम आरम्भ किए हैं। ब्लाक (प्रखंड) स्तर पर टोलियाँ गठित की जा रही हैं जो सम्बंधित प्रखंड के अन्दर आने वाले सभी गावों में बारी-बारी से पहुंचकर वहां संकल्प सभाएं आयोजित करके लोगो को शपथ गृहण करवाई जायेगी तथा पृथक राज्य आन्दोलन में सर्वस्व समर्पण के संकल्प को दोहराया जाएगा। उक्त जानकारी पार्टी संयोजक संजय पाण्डेय ने यहाँ एक प्रेसवार्ता में दी। पाण्डेय ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि फरबरी में बांदा में "कारण बताओ रैली " का आयोजन किया जाएगा जिसमे बुंदेलखंड के विभिन्न जिलों से आए हजारों आन्दोलनकारी केन्द्र और राज्य सरकारों को घेरते हुए सबाल पूछेंगे कि आख़िर बुन्देलखंड राज्य मसले पर सार्थक कार्यवाही क्यों नही? कारण पूछा जाएगा कि जब मायावती बुन्देलखंड राज्य की पक्षधर है तो वे केन्द्र को प्रस्ताव क्यों नही भेजती? कारण पूछा जाएगा कि जब मनमोहन सिंह समेत पूरी कांग्रेस और यूपीए सरकार बुंदेलखंड राज्य की वकालत करते हैं तो राज्य पुनर्गठन आयोग क्यों नही बनता? कारण पूछा जाएगा कि कांग्रेस और बसपा के सांसद संसद में इस मुद्दे को क्यों नही उठाते?कांग्रेस और बसपा के नेताओं से पूछा जाएगा कि वे बुंदेलखंड राज्य मामले पर फर्जी बयानबाजी कर पॉँच करोड़ बुन्देलखंडी लोगो का भावनात्मक शोषण करने से बाज क्यों नही आते? कारण पूछा जाएगा कि कांग्रेस और बसपा इस मुद्दे के पक्ष में है तो वे बुंदेलखंड राज्य का मुद्दा अपने चुनावी घोषणापत्र में शामिल क्यों नही करती?कुल मिलाकर बुंदेलखंड एकीकृत पार्टीफर्जी शिगूफे छोड़ने वालों को बेनकाब करेगी। बांदा के बाद झाँसी और खजुराहो में भी ऐसी रैलियां होगी.

बुधवार, 7 जनवरी 2009

बुन्देलखण्ड एकीकृत पार्टी म.प्र.,उ.प्र. तथा दिल्ली की लोकसभा सीटों पर चुनाव लडेगी

झांसी। बुन्देलखण्ड एकीकृत पार्टी ने पृथक राज्य निर्माण के मुद्दे पर राजनीति को गरमाने की तैयारी कर ली है। पार्टी बुन्देलखंड व दिल्ली की सीटों पर चुनाव लड़ेगी और जरूरत पड़ने पर राज्य निर्माण की वकालत करने वाले दूसरे दलों के प्रत्याशियों को समर्थन भी देगी।
पार्टी के संयोजक संजय पाण्डेय ने आज यहां एक होटल में पत्रकारों को राज्य निर्माण की लड़ाई पर राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य निर्माण की मांग एक राजनीतिक मांग है, इसीलिए राजनीतिक दबाव बनाए बगैर इसे पाना कठिन है। इसके लिए जरूरी है कि राज्य निर्माण समर्थक संसद में पहुंचें। इसके लिए मध्यप्रदेश व उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र की सभी सीटों व दिल्ली के बुन्देलखण्डी बहुल क्षेत्र दिल्ली बाहरी व कुछ अन्य सीटों पर प्रत्याशी खड़े किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता अपने दल के प्रत्याशी खड़े करने की रहेगी, लेकिन राज्य निर्माण के प्रबल समर्थक दूसरे दलों के प्रत्याशियों को भी समर्थन दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव में छतरपुर जिले की महाराजपुर से पार्टी के समर्थित प्रत्याशी मानवेन्द्र सिंह की जीत से उनके कार्यकर्ताओं व समर्थकों में उत्साह है। अब वे लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गए है।
पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुंवर बहादुर आदिम ने कहा कि कुछ लोग बुन्देलखण्ड का मुद्दा लेकर चुनाव जीतकर विधानसभा व लोकसभा में पहुंचे, लेकिन उन्होंने कभी इस मुद्दे को सदन में नहीं रखा। इसीलिए जरूरी है कि राज्य निर्माण के समर्थक विधायक व सांसद अपने दलों के चुनाव घोषणा पत्र में इसे शामिल कराएं। पत्रकार वार्ता में महासचिव शांति स्वरूप पस्तोर, महानगर अध्यक्ष नरेन्द्र कुशवाहा, अवधेश कुमारी पटेल, घनश्याम सिंह व अजय पाण्डेय उपस्थित रहे।

शुक्रवार, 26 दिसंबर 2008

बुन्देलखंड को मिली एक और ट्रेन

बुन्देलखंड क्षेत्र के लोगो को आखिर एक नई रेल गाड़ी मिल ही गयी । चिर प्रतीक्षित महोबा-खजुराहो रेल लाइन का लालू प्रसाद यादव द्वारा आज उदघाटन के साथ ही झाँसी-खजुराहो लिंक ट्रेन को भी हरी झंडी मिल गयी. । यह ट्रेन झाँसी और खजुराहो के बीच चलेगी। इन दोनों स्टेशनों के मध्य २०० किमी का पूरा का पूरा क्षेत्र बुंदेलखंड क्षेत्र में ही आता है,इसलिए इस ट्रेन को बुन्देलखंड की लोकल ट्रेन कहा जा सकता है ।इस ट्रेन की शुरुआत होने से लोगो में खासा हर्ष । है.बुन्देलखंड एकीकृत पार्टी के संयोजक संजय पाण्डेय के अनुसार यह ट्रेन दो भागो में बटे बुन्देलखंड को एकीकृत करने में मददगार साबित होगी.
 
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